🪐 ग्रह-नक्षत्र एवं खगोल विज्ञान
1500 से 2850 ईस्वी तक के ग्रहों की स्थिति और गोचर का सम्पूर्ण डेटाबेस
Centuries of Planetary Data — Navagraha Positions, Transits, Eclipses, and Astronomical Events
खगोलीय घटना कैलेंडर (Celestial Events)
ग्रह गोचर, ग्रहण और महत्वपूर्ण खगोलीय तिथियां खोजें
ग्रहों का खेल: 1500 ईस्वी से 2850 ईस्वी तक का सफर
ग्रह-नक्षत्र भारतीय वैदिक पंचांग की आत्मा हैं। आकाश मंडल में ग्रहों की स्थिति कभी भी स्थिर नहीं रहती। 1500 ईस्वी के मध्यकालीन पंचांगों में ग्रहों की जो स्थिति वर्णित थी, वह आज 2026 में बदल चुकी है और 2850 ईस्वी तक इसमें और भी बड़े खगोलीय परिवर्तन होंगे। पंचांग देखो इन सभी परिवर्तनों को गणितीय शुद्धता के साथ प्रस्तुत करता है।
नवग्रह और उनका ज्योतिषीय प्रभाव (The 9 Celestial Bodies)
वैदिक ज्योतिष में सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि को मुख्य ग्रह माना गया है, जबकि राहु और केतु को छाया ग्रह।सूर्य: आत्मा और आत्मविश्वास का कारक। यह हर महीने राशि बदलता है (संक्रांति)।
गुरु (बृहस्पति): ज्ञान और विस्तार का ग्रह। यह लगभग 12 साल में राशि चक्र का एक चक्कर पूरा करता है।
शनि: न्याय और कर्म का देवता। यह सबसे धीमी गति वाला ग्रह है, जो ढाई साल तक एक राशि में रहता है।
ग्रह स्थिति / Planetary Positions
सभी नवग्रहों की वर्तमान राशि, नक्षत्र, अंश और स्थिति — नियमित अद्यतन।
ग्रह गोचर / Planet Transit
ग्रहों का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश — गोचर फल और प्रभाव।
ग्रह अस्त / Planet Combustion
जब कोई ग्रह सूर्य के निकट आकर अस्त हो जाता है — अस्त काल और उदय काल।
ग्रह वक्री-मार्गी / Retrograde
ग्रहों की वक्री और मार्गी गति — कब कौन सा ग्रह वक्री होगा और कब मार्गी।
गोचर एवं वक्री गति का विश्लेषण
जब पृथ्वी अपनी कक्षा में तेजी से आगे निकलती है, तो कोई ग्रह पीछे की ओर चलता हुआ प्रतीत होता है, इसे वक्री (Retrograde) गति कहते हैं। 1500 से 2850 के बीच शनि और गुरु की वक्री गति ने कई ऐतिहासिक और भविष्य की वैश्विक घटनाओं को प्रभावित किया है। वक्री ग्रह का प्रभाव सामान्य से अधिक तीव्र और अप्रत्याशित होता है।
सूर्य और चन्द्र ग्रहण: ग्रहण केवल खगोलीय घटनाएं नहीं हैं, बल्कि ये ऊर्जा के बड़े परिवर्तन का समय हैं। 2850 ईस्वी तक होने वाले प्रत्येक सूर्य और चन्द्र ग्रहण की सूची हमारे एडवांस डेटाबेस में उपलब्ध है। सूतक काल और ग्रहण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी भी यहाँ दी गई है।
आज की ग्रह स्थिति (Live Positions)
नीचे आज के दिन ग्रहों की वर्तमान राशि और नक्षत्र की स्थिति दी गई है। यह डेटा प्रत्येक मिनट अद्यतन किया जाता है।
सूर्य / Sun
स्थिति: मार्गी
सूर्य आत्मा, पिता, राजा, और स्वास्थ्य का कारक है। मेष राशि में उच्च का और तुला में नीच का होता है।
चन्द्र / Moon
स्थिति: मार्गी
चन्द्रमा मन, माता, जल और भावनाओं का कारक है। वृषभ राशि में उच्च का और वृश्चिक में नीच का होता है।
मंगल / Mars
स्थिति: मार्गी
मंगल साहस, पराक्रम, भूमि और रक्त का कारक है। मकर राशि में उच्च का और कर्क में नीच का होता है।
बुध / Mercury
स्थिति: अस्त
बुध बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार का कारक है। कन्या राशि में उच्च का और मीन में नीच का होता है।
गुरु / Jupiter
स्थिति: मार्गी
गुरु ज्ञान, धर्म, संतान और धन का कारक है। कर्क राशि में उच्च का और मकर में नीच का होता है।
शुक्र / Venus
स्थिति: मार्गी
शुक्र प्रेम, विवाह, ऐश्वर्य और कला का कारक है। मीन राशि में उच्च का और कन्या में नीच का होता है।
शनि / Saturn
स्थिति: मार्गी
शनि कर्म, न्याय, आयु और दुःख का कारक है। तुला राशि में उच्च का और मेष में नीच का होता है।